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शिकायत निवारण प्रणाली (Escalation Ladder) एवं आरटीआई रणनीति

सोसायटी की समस्याओं के समाधान के लिए सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005, प्रथम व द्वितीय अपील, जनसुनवाई (IGRS) और प्राधिकरण शिकायत तंत्र का प्रभावी उपयोग।

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सत्यापित तिथि: अक्टूबर 2026 वैधानिक स्रोत: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 एवं उ.प्र. जनसुनवाई प्रणाली

सरल भाषा में सारांश

बिल्डर या अधिकारियों के मौखिक आश्वासनों का कोई कानूनी महत्व नहीं होता। गौतम बुद्ध नगर की सफल सोसाइटियाँ हमेशा लिखित और प्रमाणिक दस्तावेजों पर काम करती हैं: सबसे पहले सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत प्राधिकरण (GNIDA/Noida/YEIDA), अग्निशमन विभाग या उप-निबंधक कार्यालय से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त करें, और फिर उन साक्ष्यों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी, जनसुनवाई (IGRS) और यूपी-रेरा में चरणबद्ध शिकायत दर्ज करें।

1. यह मार्गदर्शिका किन पर लागू होती है?

  • rtionline.up.gov.in या पंजीकृत डाक से आरटीआई लगाने वाला कोई भी नागरिक / फ्लैट मालिक।
  • 30-दिवसीय समय-सीमा और प्रथम अपील ट्रैक करने वाली एओए की विधिक एवं शिकायत समितियां।
  • अग्नि सुरक्षा, एसटीपी, लिफ्ट सुरक्षा या सीपेज जैसी समस्याओं की जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने वाले निवासी।

2. वैधानिक समय-सीमा और शिकायत निवारण मंच

जन सूचना अधिकारी (PIO) के लिए 30 दिन में जवाब देना अनिवार्य

RTI Act Section 6 & 7

आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 7(1) के तहत प्राधिकरण (GNIDA/Noida/YEIDA) या उप-निबंधक के जन सूचना अधिकारी को आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर सूचना या प्रमाणित प्रतियां देना अनिवार्य है।

जवाब न मिलने या अधूरा होने पर धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील

RTI Section 19(1)

यदि 30 दिनों में जवाब नहीं मिलता है या अस्पष्ट जवाब दिया जाता है, तो तुरंत संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी (FAA) के समक्ष धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दायर करें। प्रथम अपील के लिए कोई शुल्क नहीं लगता।

जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) एवं सीएम हेल्पलाइन 1076

Jansunwai / IGRS

स्थानीय प्राधिकरण विभाग, विद्युत सुरक्षा निदेशालय, अग्निशमन विभाग या रजिस्ट्रार कार्यालय की निष्क्रियता के विरुद्ध jansunwai.up.nic.in पर पुराने पत्र की पावती के साथ शिकायत दर्ज करें।

प्राधिकरण के सीईओ (सक्षम प्राधिकारी) के समक्ष वैधानिक अभ्यावेदन

Competent Authority

यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 के तहत प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) या नामित अधिकारी "सक्षम प्राधिकारी" हैं, जिन्हें भवन निरीक्षण, हैंडओवर आदेश देने और धारा 25 के तहत दंडात्मक कार्यवाही करने का पूर्ण अधिकार है।

3. प्रभावी शिकायत निवारण के 4 चरण

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चरण 1: आरटीआई द्वारा प्रमाणित साक्ष्य एकत्र करें (दिन 1 – 30) आरटीआई में हमेशा स्पष्ट दस्तावेज मांगें (जैसे "डीओडी की प्रमाणित प्रति, ओसी फाइल नोटिंग और फायर एनओसी निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराएं")।
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चरण 2: बिल्डर और प्राधिकरण सेल को लिखित नोटिस दें (दिन 31 – 45) आरटीआई से प्राप्त प्रमाण संलग्न करते हुए बिल्डर और प्राधिकरण के संबंधित विभाग को 15-30 दिन का लिखित नोटिस दें और डाक काउंटर से मुहर लगी पावती (Receiving) अवश्य लें।
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चरण 3: प्रथम अपील एवं जनसुनवाई पोर्टल पर एस्केलेट करें (दिन 46 – 75) अपनी सोसायटी के शिकायत एवं आरटीआई ट्रैकर में प्रत्येक आवेदन संख्या, दर्ज तिथि और अंतिम तिथि दर्ज करें ताकि अपील की समय-सीमा न छूटे।
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चरण 4: अर्ध-न्यायिक / न्यायिक याचिका (सक्षम प्राधिकारी / यूपी-रेरा / उच्च न्यायालय) आरटीआई जवाबों और नोटिसों के पूर्ण साक्ष्य के साथ सक्षम प्राधिकारी या यूपी-रेरा में औपचारिक वाद दायर करें।

मानक कानूनी एवं आरटीआई प्रारूप चाहिए?

डीओडी (DoD) प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन, 14-दिवसीय जीबीएम नोटिस और हैंडओवर मांग पत्र के तैयार प्रारूप देखें।

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