मुख्य सामग्री पर जाएं

रखरखाव निधि (IFMS / Sinking Fund) एवं वैधानिक ऑडिट अधिकार

कॉमन मेंटेनेंस खर्च, आईएफएमएस (IFMS), सिंकिंग/कॉर्पस फंड, अनबिके फ्लैटों पर बिल्डर की देनदारी और निवासियों के ऑडिट अधिकार।

शेयर करें:
सत्यापित तिथि: अक्टूबर 2026 वैधानिक स्रोत: यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 की धारा 14, 18, 19 व 20 एवं मॉडल उपनियम

सरल भाषा में सारांश

गौतम बुद्ध नगर में बिल्डर कब्जा देते समय आईएफएमएस (IFMS), सिंकिंग फंड/कॉर्पस फंड और एडवांस मेंटेनेंस शुल्क के रूप में बड़ी राशि वसूलते हैं। यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 और रेरा के तहत यह पैसा फ्लैट मालिकों की अमानत (Trust Fund) है — यह बिल्डर की निजी आय नहीं है। बिल्डर को इसका अलग खाता रखना, वार्षिक ऑडिट कराना, अपने अनबिके फ्लैटों का मेंटेनेंस स्वयं जमा करना और एओए पंजीकृत होते ही संपूर्ण राशि ब्याज सहित सौंपना अनिवार्य है।

1. यह मार्गदर्शिका किन पर लागू होती है?

  • बिल्डर एजेंसी या निर्वाचित एओए को मासिक मेंटेनेंस व बिजली शुल्क देने वाले सभी निवासी।
  • बिल्डर से आईएफएमएस/सिंकिंग फंड और पुराने खातों का हिसाब मांगने वाले एओए कोषाध्यक्ष और वित्त समितियां।
  • अनबिके फ्लैटों (Unsold Inventory) पर बिल्डर द्वारा मेंटेनेंस भुगतान की जांच करने वाले अपार्टमेंट स्वामी।

2. सोसायटी फंड और मेंटेनेंस से जुड़े प्रमुख वैधानिक नियम

आईएफएमएस (IFMS) और सिंकिंग फंड का ब्याज सहित अनिवार्य हस्तांतरण

IFMS & Sinking Fund

यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 की धारा 14(5) के तहत, आईएफएमएस या सिंकिंग फंड के नाम पर एकत्र की गई संपूर्ण राशि अलग बैंक खाते में रखी जानी चाहिए और एओए के पंजीकृत होते ही उसे पूरी तरह हस्तांतरित किया जाना अनिवार्य है।

अनबिके फ्लैटों (Unsold Flats) का मेंटेनेंस बिल्डर को देना अनिवार्य

Unsold Inventory Liability

रेरा (धारा 11(4)(g)) और यूपी अपार्टमेंट अधिनियम दोनों स्पष्ट करते हैं कि जब तक अनबिके फ्लैट बिक नहीं जाते, उनका मासिक मेंटेनेंस शुल्क सोसायटी खाते में जमा करने की कानूनी जिम्मेदारी स्वयं बिल्डर की है।

बिजली और डीजी बैकअप पर अवैध मुनाफाखोरी वर्जित

No Profit on Utilities

यूपीईआरसी (UPERC) के नियमों के अनुसार, न तो बिल्डर और न ही कोई एजेंसी बिजली की निर्धारित दर से अधिक वसूली कर सकती है और न ही बिना वैध प्रक्रिया के प्रीपेड बिजली मीटर से मनमानी कटौती कर सकती है।

बकाया मेंटेनेंस शुल्क फ्लैट पर प्रथम वैधानिक भार (Charge) है

Section 20 Charge

धारा 19 व 20 के अंतर्गत कोई भी फ्लैट मालिक कॉमन सुविधाओं का उपयोग न करने का बहाना बनाकर मेंटेनेंस शुल्क से छूट नहीं मांग सकता, और बकाया राशि फ्लैट पर प्रथम वैधानिक देनदारी होती है।

3. सोसायटी फंड का ऑडिट और वसूली करने की कार्ययोजना

1
फ्लैट-वार जमा आईएफएमएस (IFMS) राशि का ब्योरा तैयार करें विभिन्न टावरों के निवासियों से कब्जे के समय के "डिमांड लेटर/नो-ड्यूज" की प्रतियां एकत्र करें ताकि बिल्डर द्वारा वसूली गई कुल आईएफएमएस राशि की सटीक गणना की जा सके।
2
सीए द्वारा ऑडिट किए गए आय-व्यय खातों की मांग करें बिल्डर को नोटिस भेजकर प्रथम कब्जे से अब तक के मेंटेनेंस खातों की सीए-ऑडिट रिपोर्ट मांगें और जांचें कि आईएफएमएस का ब्याज और अनबिके फ्लैटों का मेंटेनेंस जमा किया गया है या नहीं।
3
फंड हस्तांतरित न करने पर प्राधिकरण और यूपी-रेरा में शिकायत करें 30 दिन के नोटिस के बाद भी यदि बिल्डर आईएफएमएस/सिंकिंग फंड हस्तांतरित नहीं करता है, तो धारा 14(5)/25 के तहत सक्षम प्राधिकारी और धारा 31 के तहत यूपी-रेरा में वसूली याचिका दायर करें।

मानक कानूनी एवं आरटीआई प्रारूप चाहिए?

डीओडी (DoD) प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन, 14-दिवसीय जीबीएम नोटिस और हैंडओवर मांग पत्र के तैयार प्रारूप देखें।

प्रारूप देखें
इस मार्गदर्शिका को अपनी सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करें:
शेयर करें:

संबंधित आधिकारिक संदर्भ एवं सामग्री

इस पृष्ठ को बेहतर बनाने में सहायता करें

क्या आपने कोई नया सरकारी सर्कुलर, नियम संशोधन या स्पष्टीकरण देखा है? कृपया हमें बताएं ताकि हम सभी निवासियों के लिए इस जानकारी को अद्यतन रख सकें।