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सोसायटी पंजीकरण प्रक्रिया एवं बिल्डर आपत्तियों का निवारण

उप-निबंधक (Deputy Registrar) कार्यालय में आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और बिल्डर की आपत्तियों का कानूनी जवाब देने की विधि।

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सत्यापित तिथि: अक्टूबर 2026 वैधानिक स्रोत: सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 एवं यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010

सरल भाषा में सारांश

उत्तर प्रदेश में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (AOA) का पंजीकरण फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स के उप-निबंधक कार्यालय (सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 सहपठित धारा 14 यूपी अपार्टमेंट अधिनियम, 2010) में होता है। अक्सर बिल्डर संयुक्त आवेदन पर हस्ताक्षर न करके या प्रोजेक्ट को "निर्माणाधीन" बताकर पंजीकरण रोकने का प्रयास करते हैं। सही दस्तावेजों और उच्च न्यायालय के निर्णयों की जानकारी से इन बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है।

1. यह मार्गदर्शिका किन पर लागू होती है?

  • fsc.up.gov.in पोर्टल पर एओए पंजीकरण आवेदन दाखिल करने वाली संस्थापक समितियां।
  • उप-निबंधक के समक्ष बिल्डर की आपत्तियों या समानांतर फर्जी आवेदन का सामना कर रही सोसाइटियाँ।
  • अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रबंध कार्यकारिणी की वार्षिक सूची दाखिल करने वाले पंजीकृत एओए।

2. आवश्यक दस्तावेज और बिल्डर की आपत्तियों के कानूनी जवाब

पंजीकरण आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज

Mandatory Dossier

1) कम से कम 7 संस्थापक अपार्टमेंट स्वामियों के हस्ताक्षर युक्त स्मृति-पत्र (MOA); 2) पदाधिकारियों द्वारा प्रमाणित यूपी मॉडल उपनियम; 3) 14-दिवसीय जीबीएम नोटिस, उपस्थिति रजिस्टर और कार्यवृत्त (Minutes); 4) संस्थापक सदस्यों की रजिस्ट्री/सब-लीज डीड और पहचान पत्र; 5) निर्धारित शपथ-पत्र (Affidavit)।

बिल्डर की आपत्ति: "प्रोजेक्ट अभी अधूरा है / दूसरा फेज निर्माणाधीन है"

Objection Defense #1

कानूनी जवाब: माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि एक बार आंशिक ओसी/सीसी जारी होने या 33% फ्लैटों में निवास शुरू होने के बाद, बिल्डर शेष टावरों के निर्माण का बहाना बनाकर निवासियों को धारा 14(2) के तहत एओए बनाने के वैधानिक अधिकार से वंचित नहीं कर सकता।

बिल्डर की आपत्ति: "आवेदन में बिल्डर के हस्ताक्षर नहीं हैं"

Objection Defense #2

कानूनी जवाब: यद्यपि धारा 14 में बिल्डर की जिम्मेदारी तय की गई है, किंतु बिल्डर अपनी ही कानूनी चूक का लाभ नहीं उठा सकता। बिल्डर को भेजे गए पूर्व नोटिस की प्रतियां संलग्न करें जो सिद्ध करती हैं कि बिल्डर के सहयोग न करने पर निवासियों ने विधिवत जीबीएम बुलाई।

धारा 4 के तहत प्रबंध बोर्ड की वार्षिक सूची एवं नवीनीकरण

Section 4 Annual Filing

पंजीकरण के पश्चात एओए को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रतिवर्ष निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची व ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होती है और प्रत्येक 5 वर्ष में धारा 3A के तहत नवीनीकरण कराना होता है।

3. उप-निबंधक कार्यालय में पंजीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया

1
पंजीकरण फाइल तैयार और नोटराइज करें एमओए (MOA), मॉडल उपनियम, जीबीएम उपस्थिति पत्रक, बैठक के फोटोग्राफ, पदाधिकारियों की रजिस्ट्री प्रतियां और आरटीआई से प्राप्त ओसी/डीओडी दस्तावेजों की फाइल तैयार करें।
2
fsc.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें और हार्ड कॉपी जमा करें उत्तर प्रदेश फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स पोर्टल पर पीडीएफ अपलोड करें, निर्धारित सरकारी शुल्क जमा करें और संबंधित उप-निबंधक कार्यालय (मेरठ मंडल) में प्रमाणित फाइल जमा करें।
3
नोटिस ट्रैक करें और आपत्तियों का लिखित प्रत्युत्तर (Rejoinder) दाखिल करें यदि उप-निबंधक द्वारा बिल्डर को नोटिस जारी किया जाता है या कोई आपत्ति आती है, तो यूपी अपार्टमेंट एक्ट की धारा 14 और बहुमत निवासियों के समर्थन प्रमाण के साथ बिंदुवार लिखित जवाब दाखिल करें।

मानक कानूनी एवं आरटीआई प्रारूप चाहिए?

डीओडी (DoD) प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन, 14-दिवसीय जीबीएम नोटिस और हैंडओवर मांग पत्र के तैयार प्रारूप देखें।

प्रारूप देखें
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