सरल शब्दों में सारांश
यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया प्रमुख कानून है। यह स्पष्ट करता है कि फ्लैट खरीदार केवल अपनी चारदीवारी का स्वामी नहीं होता, बल्कि सोसायटी के सभी कॉमन एरिया एवं सुविधाओं (जमीन, लिफ्ट, पार्क, क्लब हाउस, बेसमेंट और खुले स्थानों) में भी उसका अविभाज्य आनुपातिक स्वामित्व होता है। कानूनन बिल्डर बाध्य है कि निर्माण पूर्ण होने पर वह अपार्टमेंट स्वामियों का संघ (AOA) गठित करवाए और मेंटेनेंस फंड सहित सभी प्रबंधन निवासियों को हस्तांतरित करे।
1. यह कानून किन पर लागू होता है?
यह अधिनियम उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले सभी बहुमंजिला व आवासीय परिसरों पर प्रभावी है:
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA), नोएडा प्राधिकरण और यीडा (YEIDA) क्षेत्र की सभी सोसाइटियों पर।
- ऐसी सभी इमारतें जिनमें 4 या अधिक अपार्टमेंट या बहु-टावर ग्रुप हाउसिंग शामिल हैं।
- वे सभी खरीदार जिनके पास पंजीकृत सब-लीज (रजिस्ट्री) या बिल्डर-बायर एग्रीमेंट है।
- उत्तर प्रदेश में ग्रुप हाउसिंग विकसित करने वाले सभी प्रमोटर/बिल्डर।
2. प्रमुख धाराएं जो प्रत्येक खरीदार को जाननी चाहिए
धारा 4 — डीड ऑफ डिक्लेरेशन (DoD) जमा करना अनिवार्य
धारा 4बिल्डर के लिए फ्लैट बेचने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण में डीड ऑफ डिक्लेरेशन (Form A) दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसमें प्रत्येक फ्लैट के साथ कॉमन एरिया का स्पष्ट प्रतिशत और स्वीकृत नक्शों का ब्योरा होता है। बिल्डर खरीदारों की लिखित सहमति के बिना इन क्षेत्रों में कोई फेरबदल या अतिरिक्त निर्माण नहीं कर सकता।
धारा 5 — कॉमन एरिया में अविभाज्य स्वामित्व अधिकार
धारा 5कॉमन एरिया और सुविधाएं (जैसे क्लब हाउस, पार्क, पार्किंग व बेसमेंट) फ्लैट से अलग नहीं किए जा सकते। बिल्डर को कॉमन एरिया को अलग से बेचने, गिरवी रखने या व्यावसायिक रूप से हड़पने का कोई विधिक अधिकार नहीं है।
धारा 14 — एओए गठन एवं हैंडओवर की वैधानिक बाध्यता
धारा 14प्राधिकरण द्वारा निर्धारित संख्या में फ्लैटों का कब्जा दिए जाने पर प्रमोटर का कर्तव्य है कि वह एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स के पंजीकरण का आवेदन प्रस्तुत करे। यदि प्रमोटर इसमें विफल रहता है या टालमटोल करता है, तो निवासियों को स्वयं जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) बुलाकर एओए पंजीकृत कराने का कानूनी अधिकार है।
धारा 25 — नियमों का उल्लंघन करने पर बिल्डर पर दंड
धारा 25यदि कोई प्रमोटर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, डीड ऑफ डिक्लेरेशन छिपाता है, या सिंकिंग फंड का हस्तांतरण नहीं करता, तो सक्षम प्राधिकरण उस पर दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत है।
3. निवासियों के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना
कानूनी नोटिस एवं प्रारूप चाहिए?
डीड ऑफ डिक्लेरेशन के लिए आरटीआई प्रारूप, पहली जीबीएम का नोटिस और हैंडओवर मांग पत्र यहां से डाउनलोड करें।
संबंधित आधिकारिक संदर्भ एवं सामग्री
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