मुख्य सामग्री पर जाएं

यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 सरल भाषा में

अपार्टमेंट स्वामियों के अधिकार, बिल्डर की कानूनी बाध्यताएं, कॉमन एरिया का अविभाज्य स्वामित्व और एओए हस्तांतरण के वैधानिक नियम।

शेयर करें:
सत्यापित तिथि: अक्टूबर 2026 वैधानिक स्रोत: यूपी अधिनियम संख्या 16, 2010 (उ.प्र. गजट)

सरल शब्दों में सारांश

यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया प्रमुख कानून है। यह स्पष्ट करता है कि फ्लैट खरीदार केवल अपनी चारदीवारी का स्वामी नहीं होता, बल्कि सोसायटी के सभी कॉमन एरिया एवं सुविधाओं (जमीन, लिफ्ट, पार्क, क्लब हाउस, बेसमेंट और खुले स्थानों) में भी उसका अविभाज्य आनुपातिक स्वामित्व होता है। कानूनन बिल्डर बाध्य है कि निर्माण पूर्ण होने पर वह अपार्टमेंट स्वामियों का संघ (AOA) गठित करवाए और मेंटेनेंस फंड सहित सभी प्रबंधन निवासियों को हस्तांतरित करे।

1. यह कानून किन पर लागू होता है?

यह अधिनियम उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले सभी बहुमंजिला व आवासीय परिसरों पर प्रभावी है:

  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA), नोएडा प्राधिकरण और यीडा (YEIDA) क्षेत्र की सभी सोसाइटियों पर।
  • ऐसी सभी इमारतें जिनमें 4 या अधिक अपार्टमेंट या बहु-टावर ग्रुप हाउसिंग शामिल हैं।
  • वे सभी खरीदार जिनके पास पंजीकृत सब-लीज (रजिस्ट्री) या बिल्डर-बायर एग्रीमेंट है।
  • उत्तर प्रदेश में ग्रुप हाउसिंग विकसित करने वाले सभी प्रमोटर/बिल्डर।

2. प्रमुख धाराएं जो प्रत्येक खरीदार को जाननी चाहिए

धारा 4 — डीड ऑफ डिक्लेरेशन (DoD) जमा करना अनिवार्य

धारा 4

बिल्डर के लिए फ्लैट बेचने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण में डीड ऑफ डिक्लेरेशन (Form A) दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसमें प्रत्येक फ्लैट के साथ कॉमन एरिया का स्पष्ट प्रतिशत और स्वीकृत नक्शों का ब्योरा होता है। बिल्डर खरीदारों की लिखित सहमति के बिना इन क्षेत्रों में कोई फेरबदल या अतिरिक्त निर्माण नहीं कर सकता।

धारा 5 — कॉमन एरिया में अविभाज्य स्वामित्व अधिकार

धारा 5

कॉमन एरिया और सुविधाएं (जैसे क्लब हाउस, पार्क, पार्किंग व बेसमेंट) फ्लैट से अलग नहीं किए जा सकते। बिल्डर को कॉमन एरिया को अलग से बेचने, गिरवी रखने या व्यावसायिक रूप से हड़पने का कोई विधिक अधिकार नहीं है।

धारा 14 — एओए गठन एवं हैंडओवर की वैधानिक बाध्यता

धारा 14

प्राधिकरण द्वारा निर्धारित संख्या में फ्लैटों का कब्जा दिए जाने पर प्रमोटर का कर्तव्य है कि वह एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स के पंजीकरण का आवेदन प्रस्तुत करे। यदि प्रमोटर इसमें विफल रहता है या टालमटोल करता है, तो निवासियों को स्वयं जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) बुलाकर एओए पंजीकृत कराने का कानूनी अधिकार है।

धारा 25 — नियमों का उल्लंघन करने पर बिल्डर पर दंड

धारा 25

यदि कोई प्रमोटर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, डीड ऑफ डिक्लेरेशन छिपाता है, या सिंकिंग फंड का हस्तांतरण नहीं करता, तो सक्षम प्राधिकरण उस पर दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत है।

3. निवासियों के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना

1
डीड ऑफ डिक्लेरेशन (DoD) प्राप्त करें: अपने विकास प्राधिकरण (ग्रेनो/नोएडा/यीडा) में आरटीआई लगाकर अपनी सोसायटी की स्वीकृत DoD (Form A) की प्रमाणित प्रति मांगें ताकि वैध कॉमन एरिया स्पष्ट हो सके।
2
अंतरिम निवासी समिति गठित करें: सोसायटी के जागरूक निवासियों का समूह बनाएं जो लंबित कार्यों, ऑडिट एवं निवासियों की सूची तैयार करे।
3
जीबीएम (GBM) की औपचारिक सूचना जारी करें: मॉडल उपनियमों को स्वीकार करने के लिए सभी फ्लैट स्वामियों को न्यूनतम 14 दिन पूर्व स्पष्ट लिखित नोटिस प्रेषित करें।
4
डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन करें: जीबीएम के कार्यवृत्त, बोर्ड पदाधिकारियों की सूची और अपनाए गए उपनियमों के साथ सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत आवेदन जमा करें।

कानूनी नोटिस एवं प्रारूप चाहिए?

डीड ऑफ डिक्लेरेशन के लिए आरटीआई प्रारूप, पहली जीबीएम का नोटिस और हैंडओवर मांग पत्र यहां से डाउनलोड करें।

प्रारूप देखें

संबंधित आधिकारिक संदर्भ एवं सामग्री

इस पृष्ठ को बेहतर बनाने में सहायता करें

क्या आपने कोई नया सरकारी सर्कुलर, नियम संशोधन या स्पष्टीकरण देखा है? कृपया हमें बताएं ताकि हम सभी निवासियों के लिए इस जानकारी को अद्यतन रख सकें।